Verse 1
पहली बारिश जो आई आँगन में,
जागी यादें फिर से मन में,
नानी की कहानी, काग़ज़ की नाव,
लौट आया मेरा छोटा सा गाँव।
Chorus
मिट्टी की ख़ुशबू, मिट्टी की ख़ुशबू,
साँसों में घुलता यादों का जादू,
जितना भी दूर जाऊँ इस जग में,
बुलाती है मुझको मिट्टी की ख़ुशबू।
Verse 2
पीपल की छाँव में बैठे थे हम,
न कोई फ़िक्र थी, न कोई ग़म,
अब शहर की भीड़ में ढूँढता हूँ
वो भीगी सी शाम, वो सादा सा मौसम।
Chorus
मिट्टी की ख़ुशबू, मिट्टी की ख़ुशबू,
साँसों में घुलता यादों का जादू,
जितना भी दूर जाऊँ इस जग में,
बुलाती है मुझको मिट्टी की ख़ुशबू।
Outro
बुलाती है मुझको... मिट्टी की ख़ुशबू।